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Social science, GK, Moral Question of Annual Exam 2022 - 2023 for UKG

Syllabus of NC, LKG and UKG

भारत का स्वाधीनता के लिए संघर्ष

अंग्रेजों ने भारत पर अपनी सत्ता स्थापित करके करोड़ों भारतीयों को गुलाम बना लिया । उनका शासन शोषण और अन्याय पर आधारित था। ब्रिटिश शासन में अपने हितों के लिए भारत के सभी वर्गों का शोषण किया। नई भूमि व्यवस्था ने किसानों को रूष्ट किया। आर्थिक नीतियों ने उद्योगपतियों का शोषण किया। उनके पक्षपात से भारतीय सैनिकों में भारी रोष था। फूट डालो शासन करो की नीति से हिंदू और मुसलमान आंदोलित थे। जनता शोषण और अन्याय के कारण कराह रही थी। पीड़ित और शोषित भारतीय जनमानस इस अत्याचारी शासन से मुक्ति पाने को लालायित थी। 19वीं शताब्दी में भारत में राष्ट्रवाद का उदय हुआ। फ्रांसीसी क्रांति की सफलता ने भारतीयों के हृदय में स्वतंत्रता की चिंगारी भड़का दी। भारत का जनमानस समझ गया कि ब्रिटिश शासन के अधीन उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। भारत की जनता में एकजुट होकर संघर्ष करने की भावना बलवती हो उठी। भारतीय जनता के यह चेतना भारत मां को विदेशी आक्रांताओं से मुक्त कराने के लिए सक्रिय हो उठा। 1885 ई० में भारत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ने स्वतंत्रता संघर्ष में एक नया अध्याय जोड़ दिया। कांग्रेस एक देशव्यापी संगठ...

संविधान रचना, स्थापना..........

1. किस संस्था ने भारतीय संविधान की रचना की ? Ans. संविधान सभा ने । 2. संविधान सभा की स्थापना कब हुई ? Ans. दिसम्बर, 1946 ई० में । 3. संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे ? Ans. डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद । 4. संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे ? Ans. बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर । 5. स्वतंत्र भारत का नया संविधान कब बनकर तैयार हुआ ? Ans. 26 नवम्बर, 1949 को । 6. भारतीय संविधान के निर्माण में संविधान सभा को कितना समय लगा ? Ans. 2 वर्ष, 11 महीने, 18 दिन । 7. भारतीय संविधान किस दिन से पूर्णतः लागू हुआ ? Ans. 26 जनवरी, 1950 से । 8. भारत का गणतंत्र राष्ट्र के रूप में किस दिन जन्म हुआ ? Ans. 26 जनवरी, 1950 को । 9. संविधान सभा की सर्वप्रथम बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हुई थी ? Ans. 9 दिसम्बर, 1946, डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा की अध्यक्षता में । 10. भारतीय संविधान के उद्देश्यों की झलक कहाँ मिलती है ? Ans. प्रस्तावना एवं राज्य के नीति निर्देशक तत्त्वों के अन्तर्गत । 11. संविधान सभा द्वारा अंतिम रूप से पारित संविधान में कुल कितने अनुच्छेद और अनुसूचियाँ थीं ? Ans. 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ थीं । 12...

राष्ट्रीय चिन्ह, राष्ट्रीय झंडा, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत

राष्ट्रीय चिन्ह भारत का राष्ट्रीय-चिह्न सारनाथ स्थित अशोक के सिंह-स्तम्भ की अनुकृति है | जो सारनाथ के संग्रहालय में सुरक्षित है। मूल स्तम्भ में शीर्ष पर चार सिंह हैं, जो एक-दूसरे की ओर पीठ किए खड़े हैं, जिनके नीचे घंटे के आकार के पद्म के ऊपर एक चित्र बल्लरी में एक हाथी, दौड़ते हुए घोड़े, एक साँड़ तथा एक सिंह की उभरी हुई मूर्तियाँ हैं, इनके बीचो-बीच चक्र बना हुआ है। एक ही पत्थर से काटकर बनाए गये इस स्तम्भ के शीर्ष के सिंहों के ऊपर 'धर्मचक्र' है। भारत सरकार ने इस चिह्न को 26 जनवरी, 1950 ई० को अपनाया। इसमें केवल तीन सिंह दिखाई पड़ते हैं, चौथा दिखाई नहीं देता । पट्टी के मध्य में उभरी हुई नक्काशी में चक्र है जिसके दायीं ओर एक साँड़ और बाईं ओर एक घोड़ा है और दायें तथा बायें छोर पर अन्य चक्रों के किनारे हैं। आधार का पद्म छोड़ दिया गया है। फलक के नीचे मुण्डकोपनिषद् का सूक्त-वाक्य 'सत्यमेव जयते' देवनागरी लिपि में अंकित है, जिसका अर्थ है 'सत्य की ही विजय होती है'। राष्ट्रीय झंडा भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा कहते हैं, जिसमें समान अनुपात में तीन आड़ी पट्टियाँ हैं। जिन...

आजादी की लड़ाई में बिहार की भूमिका

आजादी की लड़ाई में बिहार की भूमिका भारत की स्वतंत्रता के लिए बिहार की धरती सन् 1857 से पहले से ही बैचेन रही थी। 1831 - 32 में छोटानागपुर में और 1855 - 57 में संथाल परगना में अंग्रेजों के खिलाफ जोरदार आन्दोलन हुए। 1820 से 1868 ई. तक चलने वाला 'वहाबी आन्दोलन' का सबसे बड़ा केन्द्र पटना ही रहा। यह आन्दोलन मूल रूप से मुस्लिम सुधारवादी आन्दोलन था बिहार के आदिवासियों ने लगभग पचास वर्षों तक अंग्रेजों से संघर्ष किया। आजादी के लिए बलिदान किया। 5 जुलाई, 1855 को आदिवासी नेता सिद्धू कान्हू को अंग्रेजी फौज ने गोलियों से मौत के घाट उतार दिया। जल, जंगल जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए संताल जनजाति के प्रतिरोध की यह सबसे बड़ी घटना थी. आदिवासियों ने अंग्रेजों से लोहा लिया था। इसी लड़ाई में तिलका माँझी शहीद हुए। इनका भव्य स्मारक भागलपुर में है। सन् 1857 की क्रांति को आजादी की पहली लड़ाई कहा जाता है। इसी लड़ाई में कलकत्ता के समीप बैरकपुर छावनी में बिहार के सैनिक मंगल पांडे ने पहली गोली अंग्रेजों पर चलायी थी जिन्हें फाँसी दे दी गयी। इसी वर्ष 12 जून को देवघर के समीप रोहिणी गाँव में ब्रिट...

भाषण

आदरणीय गुरुजनों एवं उपस्थित सभी सम्माननीय अतिथियों को मेरा सादर प्रणाम एवं मेरे मित्रों का हार्दिक अभिनंदन। साथ ही आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया गुजार हूं की आज के इस शुभ दिन पर इस गौरवशाली दिन पर मुझे आपके समक्ष बात करने का अवसर प्रदान किया यह मेरे लिए बड़े सौभाग्य की बात है मैं उन शहीदों का देश के जांबाज हीरो का देश के क्रांतिकारियों का गुणगान कर, हम यहां पर यह स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं और हर साल मनाते आए हैं लेकिन इस आजादी के लिए हमने क्या खोया है कितने बलिदान दिए हैं इसके बारे में नहीं सोचते मगर आज की आजादी कल के हमारे बलिदानों से मिली है यह तिरंगा जो आसमान की ऊंचाई यो को छूते हुए लहराता है तो हमारे चेहरे पर खुशी छा जाती है इस तिरंगे का सम्मान हमेशा करना चाहिए रहे तिरंगा ऊंचा हरदम बात है यह सम्मान की, देश भक्ति वंदे मातरम हर दिल के अरमान की, राणा शिवा भगत सिंह वीरों के बलिदान की, सदा सलामत रहे हमेशा धरती हिंदुस्तान की। यह वह धरती है यह वह भारत है जो सोने की चिड़िया कहलाता था इस देश पर सदियों से दुश्मनों की नजर रही है और जब जब मौका मिला इससे लूटा गया है कभी मुगलों ने हमले किए तो क...