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विशेषण (Question of Hindi Grammar for Class 3rd / 4th.)

1. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें क. विशेषण किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं? ख.  संख्यावाचक तथा परिमाणवाचक विशेषण में अंतर स्पष्ट करते हुए, उदाहरण दें। 2. निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों के विशेषण-भेद लिखें। क. मेरे पिताजी बहुत चिड़चिड़े हैं। ख. अर्चना पूजा के लिए कुछ पुष्प लाई। ग. ये परदे बहुत गंदे हैं। घ. दो किलो मिठाई तोल दो। ड़. कमला ने दस रुपये के केले खरीदे। 3. दिए गए शब्दों से विशेषण बनाइए- शब्द              विशेषण दया राष्ट्र समाज दिन सप्ताह जाति इतिहास अर्थ आदर भारत  4. निम्नलिखित वाक्यों में विशेषण शब्दों पर गोला लगाएं क. बाबा भारती का घोड़ा बड़ा सुंदर और बलवान था। ख. सुस्त कछुए ने फुर्तीले खरगोश को हरा दिया। ग. बसंती हवा बह रही थी। घ. गंगा नदी का जल मीठा है।  ड़. ईमानदार नागरिक देश के सुंदर भविष्य के नींव होते हैं। 5. विशेषण-विशेष्य अलग-अलग करें। नीला पेन हरी सब्जियां गांधी टोपी सुंदर लड़की खट्टा संतरा 6. विशेषण और विशेष्य छांटकर लिखें। क. उसका थैला खाली है। ख. चाय के दो कप हैं। ग. यह तो सूखी डाली है। घ. कितना अच...

विशेषण एवं उनके भेद।

विशेषण :- जो शब्द संज्ञा एवं सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहा जाता है।  जैसे-लाल, काला, पीला, अच्छा, बुरा आदि। विशेषण के चार भेद होते हैं 1. गुणवाचक विशेषण  2. संख्यावाचक विशेषण  3. परिमाणवाचक विशेषण  4. सर्वनामिक विशेषण 1. गुणवाचक विशेषण  जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम  के रंग, गुण, दोष, दशा, स्वभाव, आकार आदि के विषय में बताते हैं उन्हें  गुणवाचक विशेषण  कहते हैं।  जैसे:- मोहन के पास लाल फूल है। डरपोक लोमड़ी झाड़ी में छुपी है। इन वाक्यों में ' लाल ' शब्द फूल की, ' डरपोक ' शब्द लोमड़ी की विशेषता का बोध करा रहे हैं। अतः ये  गुणवाचक विशेषण है 2. संख्यावाचक विशेषण जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे:- बाल्टी में कुछ आम रखें हैं। वे तीनों बच्चे स्कूल जा रहे हैं। पिताजी ने भिखारी को एक कंबल दिया। इन वाक्यों में ' कुछ' शब्द आम की, ' तीनों' शब्द बच्चों की तथा ' एक' शब्द कंबल की संख्या का बोध करा रहा है। अतः ये संख्यावाचक विशेषण है संख्यावाचक विशेषण दो प्रकार...

संज्ञा एवं उनके भेद।

संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे:- (नोट- भाव को सिर्फ इंद्रियों द्वारा महसूस किया जाता है) व्यक्ति - पुरुष हाथी, सर्प, तोता, श्री कृष्ण, गणेश, नर आदि। स्थान - भारत, जयपुर, शहर, गली, यूरोप, बाजार, गांव आदि। वस्तु - पुस्तक, कलम, चीनी, चावल, फल, पर्वत, नदी आदि। भाव - गरमी, सफेदी, उड़ान, विजय, खटास,मिठास आदि। अर्थ के विचार से संज्ञा के पाँच भेद हैं 1. व्यक्तिवाचक  2.जातिवाचक  3. भाववाचक  4. समूहवाचक  5. द्रव्यवाचक। 1. व्यक्तिवाचक संज्ञा — जिस शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा' कहते हैं। जैसे—राम, मोहन, कृष्ण, ताजमहल, दिल्ली, हिमालय, गंगा आदि। रामायण एक धार्मिक पुस्तक है। राणा प्रताप के घोड़े का नाम चेतक था। आगरा का ताजमहल विश्व में प्रसिद्ध है। चित्तौड़ की महारानी कर्णावती ने बादशाह हुमायूं को राखी भेजी।  उपर्युक्त वाक्यों में राणा प्रताप, कर्णावती तथा हुमायूं  विशेष व्यक्तियों के नाम है। चेतक एक विशेष प्राणी का तथा आगरा, ताजमहल एवं चित्तौड़ विशेष स्थानों के नाम है।...

सर्वनाम एवं उनके भेद।

सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आने वाले शब्द को सर्वनाम करते हैं। सर्वनाम के 6 भेद होते हैं। 1. पुरुषवाचक सर्वनाम       2. निश्चयवाचक सर्वनाम 3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम 4. प्रश्नवाचक सर्वनाम 5. संबंधवाचक सर्वनाम      6. निजवाचक सर्वनाम 1. पुरुषवाचक सर्वनाम: जिस सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बोलने वाले, सुनने वाले या अन्य व्यक्ति के लिए होता है उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: मैं, हम, तू, तुम, आप, वह, वे, मैं , मुझे, हम ,हमारा, हमें, तू ,तेरा ,तुझे ,तुम्हारा, तुम्हें ,वह ,यह, उसे, उसका, इसका, इसे, वे, यह ,उन्हें, उनका, इनका, इन्हें इत्यादि। मैं  रोज विद्यालय जाता हूं। लो,  तुम  भी मिठाई खाओ। देखो,  वह  खेल रही है। इन वाक्यों में  "मैं"  बोलने वाले के लिए,  "तुम"  सुनने वाले के लिए, तथा  "वह"  अन्य किसी व्यक्ति के लिए प्रयोग किया गया है। पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद है। उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम :   बोलने वाले (वक्ता) के लिए। उत्तम पुरुष, एकवचन: मैं, मेरा, मुझे उत्तम पुरुष, बहुवचन: हम, हमारा, हमें मध्...

1. वर्ण-विचार । वर्ण विचार व्याकरण का वह भाग है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के वर्णों का अध्ययन किया जाता है।

  * "व्याकरण वह शास्त्र है जिसके पढ़ने से मनुष्य स्पष्ट रूप से लिखना, पढ़ना और बोलना सीखता है।" हिन्दी व्याकरण के मुख्यतः तीन भेद हैं : 1. वर्ण-विचार ।      वर्ण विचार व्याकरण का वह भाग है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के वर्णों का अध्ययन किया जाता है। 2. शब्द-विचार ।     शब्द विचार व्याकरण का वह भाग है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के शब्दों का अध्ययन किया जाता है। 3. वाक्य-विचार।    वाक्य विचार व्याकरण का वह भाग है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के वाक्यों का अध्ययन किया जाता है। 1. वर्ण-विचार ।  वर्णों के समूह को वर्णमाला कहते हैं। हिंदी वर्णमाला में कुल 11 + 33 + 4 + 2 + 2 = 52 वर्ण होते हैं।  स्वर वर्ण -11, व्यंजन वर्ण - 33  {स्पर्श व्यंजन 25 + अंत:स्थ व्यंजन - 4 (य, र, ल, व) + ऊष्म व्यंजन - 4 (श, ष, स, ह)} संयुक्ता व्यंजन - क्ष, त्र, ज्ञ, श्र =4, अयोगवाह- अं और अः = 2,  आधुनिक हिंदी में - ड़, ढ़ = 2    वर्णों के दो भेद हैं     (क). स्वर वर्ण     (ख). व्यंजन वर्ण स्वर वर्ण के तीन भे...

2. शब्द-विचार । शब्द विचार व्याकरण का वह भाग है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के शब्दों का अध्ययन किया जाता है।

 2. शब्द-विचार  * व्याकरण के जिस भाग में शब्दों के भेद, अवस्था और व्युत्पत्ति का वर्णन हो, उसे शब्द-विचार कहा जाता है। * शब्द: वर्णों और मात्राओं के मेल से बनते हैं। * वर्णों के मेल से बने सार्थक वर्ण समूह को शब्द कहते हैं। -------------------*---------------------               * शब्दों के आधार एवं वर्गीकरण *          (Base and classification of words) * शब्द की रचना प्रायः चार प्रकार से होती है। 1. अर्थ की दृष्टि से, 2. व्युत्पत्ति (रचना) की दृष्टि से,  3. उत्पत्ति की दृष्टि से, 4. प्रयोग की दृष्टि से ।                           1. अर्थ की दृष्टि से,          From the point of view of meaning [1]अर्थ की दृष्टि से शब्दों के दो भेद होते हैं  [There are two types of words in terms of meaning.] 1. सार्थक 2. निरर्थक 1) सार्थक शब्द:- वह शब्द जिसका स्वयं कुछ अर्थ हो, उन्हें सार्थक शब्द कहते है।  जैसे--माता, पिता, विद्या...

भाषा, वर्ण, स्वर वर्ण, व्यंजन वर्ण एवं शब्दों के वर्गीकरण

             हिन्दी व्याकरण Hindi grammar: भाषा: भाषा वह संसाधन है जिसके माध्यम से मनुष्य अपने मन के भावों तथा विचारों को प्रकट करता है। मनुष्य के भावों एवं विचारों को प्रकट करने के   दो माध्यम  है।, मौखिक एवं लिखित * जब मन के विचारों को बोलकर प्रकट किए जाएं तो, उससे  मौखिक     भाषा कहते हैं। * जब मन के विचारों को लिखकर प्रकट किया जाए तो, उसे लिखित भाषा कहते हैं। * अपनी मां तथा परिवार से जो भाषा सीखी जाए, उसे  मातृभाषा कहते है। प्रत्येक भाषा में लिखने के चिन्ह को लिपि कहते है। हिंदी भाषा में लिखे के चिन्ह को देवनागरी लिपि कहते है। * "व्याकरण वह शास्त्र है जिसके पढ़ने से मनुष्य स्पष्ट रूप से लिखना, पढ़ना और बोलना सीखता है।" हिन्दी व्याकरण के मुख्यतः तीन भेद हैं : 1. वर्ण-विचार ।      वर्ण विचार व्याकरण का वह भाग है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के वर्णों का अध्ययन किया जाता है। 2. शब्द-विचार ।     शब्द विचार  व्याकरण  का वह भाग है जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के शब्दों का अध...